सरयू नदी में आई बाढ़ से हजारों बीघा फसल जलमग्न, खेतों में दौड़ रही नावें ।।

  • बाराबंकी जिले में सरयू नदी में आई बाढ़ 
  • रामनगर, सिरौलीगौसपुर और फतेहपुर सहित रामसनेहीघाट के कुछ गांव बाढ़ की चपेट में 
  • सरयू नदी का वार्निंग लेबल 105.070 और डेंजर लेवल 106.070 सेंटिमीटर
  • लोंगो की मदद के लिए लखनऊ पीएसी की फल्ड कंपनी को लगाया गया

बाराबंकी : यूपीके बाराबंकी जिले में सरयू नदी में आई बाढ़ से जिले के रामनगर, सिरौलीगौसपुर और फतेहपुर सहित रामसनेहीघाट तहसील के कुछ गांव बाढ़ की चपेट में आये हैं. पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के चलते नेपाल से छोड़े गए सरयू नदी में पानी की वजह से लगातार यहां के तराई वासियों के लिए मुसीबत बन गयी है. आपको बता दें इस वक्त सरयू नदी खतरे के निशान से 34 सेंटिमीटर ऊपर बह रही हैं. एलग्रिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार सरयू नदी अगर और उफनती है तो करीब दो दर्जन गांव फिर पानी की चपेट में आ जाएंगे । सरयू नदी का वार्निंग लेबल 105.070 और डेंजर लेवल 106.070 सेंटिमीटर रामनगर तहसील के नामेपुर सिरौली, परसादी पुरवा, तपेसिपाह, मल्लाहन पुरवा, कोरिन पुरवा ,दुर्गापुर, लहडरा,और सूरतगंज क्षेत्र के बतनेरा, सरसंडा , बल्लोपुर दितीय, पर्वतपुर, अकौना, व सिरौलीगौसपुर के टेपरा, सनावा, कहरान पुरवा ,गोबरहा ,तेलवारी ,सराय सुर्जन, बघौलीपुरवा, नव्वनपुरवा, मांझारायपुर, मांझा सहित लग्भग 4 दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है । लगातार लोग तराई क्षेत्र से निकलकर ऊचें स्थान पर पहुंच रहे हैं. वहीं बात अगर सूरतगंज क्षेत्र की किया जाए तो यहां भी दिक्कतें ही दिक्कतें नजर आ रही हैं. किसानों की लगभग हजारों बीघा धान की फसल डूब चुकी हैं. नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि हेतमापुर स्थित बाबा नारायण दास मंदिर में भी पानी घुस गया है । लोंगो की मदद के लिए लखनऊ पीएसी की फल्ड कंपनी को लगाया गया है जो इमरजेंसी में फंसे लोंगो की मदद कर रहे हैं. बाढ़ की वजह से गांव से सड़कों का संपर्क मार्ग कट गया है. गोबरहा गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से जलमग्न हो गया है. लोंगो में वायरल फीवर और पेट दर्द की शिकायत भी काफी मिल रही हैं ।।

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